भूरी बालों वाली को उसकी लेस्बियन मसाज वालियों ने तीन-कुछ खेल में फंसा लिया

जब वो खुद खुल रही थी तो मुझे खुलने में क्या ऐतराज़ था। मौसम भी ऐसा मदहोश करने वाला था कि ऐसे में भी जो न बहके तो क्या?“मेरा एक्स ब्वायफ्रेंड… उसे बहुत पसंद थे ये !”एक पल के लिए मुझे ऐसा लगा जैसे उसकी आवाज़ में कोई मायूसी हो, किसी को खो देने वाली लेकिन उसने अगले पल में खुद को संभल लिया और एक विद्रूप पूर्ण मुस्कराहट के साथ मुझे देखने लगी- पर वो औरों की तरह पजेसिव होने लगा था… बात बात पर शक करना, टोकना, चिड़चिड़ाना, मेरी जासूसी करना… आई डोंट लाईक इट।मैं जयपुर से हूँ और यहाँ नौकरी करती हूँ, अकेली रहती हूँ और आज़ाद ज़िन्दगी जीती हूँ। मुझे शादी और उसके बाद की बंधी टकी ज़िन्दगी बिलकुल नहीं पसंद। मेरी नज़र में ज़िन्दगी मौज मस्ती है न के कोई ज़िम्मेदारी। मैं किसी पुरुष को अपने ऊपर अधिकार नहीं दे सकती… मेरे लिए वो ‘यूज़ एंड थ्रो’ आइटम है, इस्तेमाल करो और जब जी भर जाए, फेंक दो।कमाल है… ऐसे मौसम में जब मैं घर पहुँचने के लिए फिक्रमंद हो रहा था मुझे एक सूने बस स्टॉप पर मेरे जैसी ही कमीनी लड़की मिल गई थी जो खुद से चाँद मिनटों की मुलाक़ात में ही खुली जा रही थी।“क्या सोच रहे हो?” उसने जैसे मेरी आँखों में उतर कर मेरे मन को पढ़ने की कोशिश की- मैं

भूरी बालों वाली को उसकी लेस्बियन मसाज वालियों ने तीन-कुछ खेल में फंसा लिया

Related videos