ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.तो मैं उसका निप्पल चुसने लगा और उसके हाथ को पकड़ कर अपने निक्कर के अन्दर ले जाकर लवड़ा पकड़ा दिया। फिर उसके हाथ को पकड़ कर लवड़ा सहलाने का इशारा किया और उसके निप्पलों को चुसने लगा। वो एकदम गर्म होकर अपना चड्डी निकाल दी और मेरा निक्कर भी एक झटके में नीचे कर दोनों टांग फैला कर मेरा लावड़ा अपनी फुद्दी में घुसाने लगी।मेरा लवड़ा बहुत जोर से दर्द किया और मेरे मुह से आह निकल गया तो पूछी क्या हुआ तो मैं बोला लवड़ा दर्द होरहा तो बोली पहली बार है क्या। तो मैं बोला हा तो बोली धीरे धीरे घुसाओ और धीरे धीरे से आगे पूछे करो। फिर मैं धीरे धीरे चोदने लगा। ज्यादा देर नही टिका उसकी फुद्दी में बीज गिर गया।फिर मेरे बाल को सहलाई और बोली कि बाथरूम जाकर मूत कर धो लो। दूसरे दिन उसे देखकर शर्म आरही थी पर वो नार्मल थी। वो केवल 26 की थी पर औरत थी उसे मालूम था। अकेले में मिली तो मुस्कुराई, मैं बोला सॉरी मैं आपके बगल के बाल देखकर एकदम कंट्रोल नही कर पाया वैसे भी तुम बहुत सुंदर हो।तो वो बोली कि तुम भी बहुत सुंदर हो और मैं समझ गयी थी कि तुम मेरा बगल देख रहे हो। मैं बगल में सोई तो















