और सीसी.. हिंदी XXX इससे चूत मारने वाले और मरवाने वाले दोनों को ही मजे आते हैं।मैं अच्छा कह कर रौशनी के ऊपर चढ़ गया और उसकी दोनों टाँगें फैला दी, तब रौशनी ने अपने एक हाथ से चूत का मुँह खोल दिया और दूसरे हाथ से मेरे लौड़े को पकड़ कर उसमें बिठा दिया तथा मुझे धक्का मारने को कहा। मैंने कस के धक्का लगाया तो मेरे लौड़े का सुपारा उसकी चूत के अंदर चला गया और वह सीसीइइइ… सीसीइइइ… करने लगी।मैंने पूछ- क्या दर्द हो रहा है?वह बोली- जब एक इंच पतले लौड़े से चुदने वाली चूत में ढाई इंच मोटा लौड़े को झटके से डालोगे तो दर्द तो होगा ही!मैं बोला- तुमने ही तो धक्का मारने को कहा था।रौशनी बोली- मुझे इस दर्द का अंदेशा था इसीलिए इसको सहन भी तो कर लिया है!मैं बोला- निकाल लूँ क्या?रौशनी बोली- नहीं बिलकुल नहीं ! दो तीन धक्कों में घुसेड़ते तो इतनी तकलीफ नहीं होती!मैंने कहा- अब बाहर निकाल लूँ?रौशनी बोली- नहीं, जो होना था सो हो गया, अब तो मजे लेने की बारी है! शुभ रात्रि! करने लगी और कमर तथा नितम्बों को हिलाने लगी थी। पांच मिनट के बाद उसने अकड़ कर एक ऊइ ईई… आह्हह… की चीख मारी और मेरा हाथ को अपने पानी से गीला कर दिया! पांच मिनट में ही मेरा रस उसके मुँह में छूट गया जो















