मैं डर गई. फिर उन्होंने चाचा जी का लंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.वो उसको ऐसा चूस रही थी जैसे वो आइसक्रीम की बार खा रही हों.फिर उन्होंने मुझसे वैसे ही करने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया.तब उन्होंने चाचा के लंड पर ढेर सारा चॉकलेट लगा दिया और कहा,” इसे चॉकलेट समझकर चूसो! XXX Hindi धीरे धीरे वो मेरे पूरे बदन को छू रहे थे, मुझे गुदगुदी हो रही थी. मैं जोर से चिल्लाई पर चाची ने अपने मुँह में मेरी आवाज दबा दी. चाचा ने ऐसे ही धीरे धीरे मेरी चूत में ३/४ मिनट तक लंड अंदर बाहर किया और मेरी पीठ सहलाते रहे. स्कुल से लौट के मैंने कपड़े बदले और सो गयी. उन्होंने मुझे पुचकारते हुए उठाया और दूध का गिलास देते हुए बोली,”दीक्षा बिटिया कैसी हो? चाची भी थोड़ी देर बाद स्कुल से लौट आई और मुझे आवाज दी,”दीक्षा मेरे कमरे में आजाओ मै आगयी हूँ.”मैं चाची के पास लेटी तो चाची ने पूछा.” पेपर कैसा रहा?”मैंने कहा,” बहुत बढ़िया!”तभी चाची ने कहा-,”यह तो सिर्फ कागजी इम्तिहान था , तुम्हें जिंदगी के इम्तिहान के बारे में पता है?”मैंने कहा,” नहीं!”चाची ने कहा,”माँ ने तुम्हें कुछ नहीं बताया?”मैंने कहा-,”नही!”“माहवारी के बारे में माँ ने कुछ बताया?”“हर महीने में मुझे बहुत तकलीफ होती है, लेकिन माँ ने इसके लिये कुछ भी नहीं बताया।”“तुम्हारी माँ बहुत व्यस्त रहती















