जीजाजी मेरी चूच को पिने लगे मैंने पूछा क्या कुछ निकल रहा है उन्होंने कहा अभी तो यहाँ से कुछ भी नहीं निकलेगा पर इसको पिने से आपके बूर से जरूर ही पानी निकलने लगेगा.मैंने कहा वो तो निकलना शुरू हो गया है, तभी वो मेरा नाद खोल दिया और मेरा कैप्री खोल दिया, और मेरी दोनों टांगो को उठकर मेरी बूर को चाटने लगे, मैं तो मदहोश हो रही थी और पूरे शरीर में अंगड़ाईयाँ ले रही थी, मैं भी उनका बाल पकड़ के अपना रशिला बूर चटवा रही थी और बार बार पानी छोड रही थी, मैं पूरी तरह से उनकी हो चुकी थी अब वो जो चाहे वो कर सकते थे.उन्होंने मेरी बूर में ऊँगली घुसाई और फिर जब ऊँगली गीली हो गयी तो वही ऊँगली मेरी गांड में घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगे मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था पर उस दर्द का मज़ा ही कुछ और था, फिर मैंने कहा की क्या कर रहे हो, मेरी वासना को शांत करो ना प्लीज मैं चुदना चाहती हु, मेरी बूर आपके लौड़े का इंतज़ार कर रहा है.वो अपना मोटा लंड निकाल के मेरी मुह में डाल दिए मेरी तो सांस रुकने लगी और मैं परेशांन होने लगी, मुझे उलटी भी आ रही थी पर वो मुह में दिए जा रहे थे, फिर मैंने उनको बस करने के















