दोनों एक पर से एक थी. XXX Hindi ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अंकिता फिर से सो गई जैसे ही मैं अंकिता के कमरे से बाहर आया. मैं बुटीक का काम करती हु, छोटी बेटी पढ़ रही है और प्रिया एक कंपनी में जॉब करती है.घर का खर्च ही निकल पाता है. और मैं और मेरी सास अकेले थे घर में, उन्होंने पूछा शरमन जी. मैंने कहा ठीक है.दूसरे दिन सुबह के दस बजे राजीव चौक के बाहर मिलने चले गए. वो तीनो एक दूसरे का मुह देखने लगे और फिर उनलोगों ने बोला की तीन कमरे, और मैंने तीन कमरे बुक किये, और तीसरे दिन, हम तीनो कश्मीर चले गए. कभी ऐसा मत करना अपने से अलग मत करना हम तीनो को.मैंने कहा नहीं नहीं ऐसा नहीं होगा. क्यों को मेरी सास अपने सीने से लगा ली उनकी चूचियां मेरे सीने से चिपक रही थी. मैंने कहा आप लगती नहीं है की लड़की की माँ है. चूचियां ब्लाउज से ऊपर आ रही थी. और फिर उस दिन कश्मीर जाने का प्लान हुआ, घर में मेरी बीवी को भी ये बात पता चल गया की मैं २४ घण्टेग में उनकी माँ और अंकिता को भी चोद चूका हु.















