वो तो अलग फोल्डर में पड़ी है।” सचिन ने कहा।“पक्का ना…?” मैंने फिर पूछा।तब सचिन ने कम्प्यूटर में वो फोल्डर खोला जहाँ वो फिल्म पड़ी थी और मुझसे कहा, “यह देखो ! और क्या क्या नकली है तुम्हारा?मुझे उनकी बात सुन कर गुस्सा आ गया।मैं- जी और कुछ नकली नहीं है। लगता है आपको मुझ पर यकीन ही नहीं है।अभिषेक- अभी तुमने ही कहा कि आई डी नकली है, और रही यकीन की बात तो अगर यकीन ना होता हो हम इतने दिनों तक एक दूसरे से बात ही ना करते। चैट पर तो लोग 4 दिन बात करते दोस्तों को भूल जाते हैं। पर मैं हमेशा दोस्ती निभाता हूँ और निभाने वालों को ही पसन्द भी करता हूँ।मैं- अच्छा जी ! XXX Hindi मेरे जैसी कितनी से दोस्ती निभा रहे हो आजकल आप?अभिषेक- चैट तो दो से होती है पर दोनों ही तुम जैसे अच्छी पारिवारिक महिला हैं। क्योंकि अब हम इस उम्र में नहीं है कि बचकानी बातें कर सकें। तो मैच्योर लोगों से ही मैच्योर दोस्ती करनी चाहिए।मैं अभिषेक की सत्यवादिता की कायल थी फिर भी मैंने और जानकारी लेनी शुरू की।मैं- अच्छा, यह बताओ आपने अपने जीवन में कितनी महिलाओं से यौन सम्बन्ध बनाया है?अभिषेक ने सीधे सीधे जवाब दिया- सात के साथ! कैसे खुद को सन्तुष्ट करूँ? पर वो भी तो पूरे जिद्दी थे। मेरी हर कोशिश बेकार हो















