ओह अल्लाह पेंट अलग होते ही ओमप्रकाश का लंड फुदकने लगा. XXX Hindi फिर मैंने उसके हार्ड लंड को पकड़ा तो मेरा बदन कापने लगा. कुछ देर बाद लंड को चूत के छेद पर लगाकर दबाया तो १/४ लंड मेरी गीली चूत के अंदर चला गया.लंड अंदर जाते ही मैंने अपने पैरों से ओमप्रकाश की गर्दन कस ली और उसके पूरे लंड को खाने के लिए कमर को उछालने लगी. मुझे मज़ा आने लगा और मेरा विरोध ख़तम हो गया.मैं बोली “कोई देख लेगा”.तो वो बोला कोई नहीं देखेगा.और वो मुझको बेड रूम में ले आया. नंगे होकर ही चुदाई का मज़ा आता है. ओमप्रकाश मेरे नाज़ुक बदन को भींचकर मेरे लिप्स चूमते हुए मेरी जम्पर को अलग करने लगा. में बहुत ही शर्मीली हूँ. मेरी चूत से ओमप्रकाश के लंड का रस बाहर आने लगा. अब ओमप्रकाश मेरे गालों को चूम रहा था और मेरे निप्पल को पिंच कर रहा था. वह लंड को मेरी चूत में डाले दोनों मम्मो को दबा रहा था. अपने हाथ को शलवार के अंदर डालकर चूत सहलाते हुए क्लाइटोरिस को मसलने लगी. इतने पास लंड को देखकर मेरी प्यास बढ़ी तो मैंने लिप्स खोल दिए तो ओमप्रकाश ने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया.















