मैंने कहा – “यार बहुत मूड बन रहा है करने दो ना”। लेकिन डिंपल नही मानी। मैंने उसके किस करके और उसकी चुचियों को मसल के ही काम चलाना पड़ा। मुझे बहुत गर्मी फील हो थी इसलिए मैंने उसके ही कमरे मुठ मारना शुरू कर दिया कुछ देर बाद मेरे लंड से वार्य निकलने लगा।और डिंपल के फर्श को गन्दा कर दिया। डिंपल ने जल्दी से अपने कमरे को साफ किया। मै वहां से चला आया। अगले दिन डिंपल को NCC कैम्प जाना था, तो वो मुझसे कहा – जब तक मै ना रहूँ क्या तुम मेरी माँ की मदत कर सकते हो बाहर से सामान लाने में और भी ही बहुत से कामो में ??मैंने कहा – “क्यों नही आखिर वो मेरी होने वाली सासू माँ है”। डिंपल अपने कैम्प चली गई। उसकी मम्मी ने मुझे फोन किया और कहा विनोद बाज़ार से सब्जी ले आना। मैंने कहा ठीक है। मेरे मन में उसी दिन की चूची वाली सीन चल रही थी मैंने सोच की अगर किसी तरह से इनको चोदने का मौका मिल जाए तो कितना अच्छा रहता।मै सब्जी लेकर उनके घर गया, तो उन्होंने कहा – “बेटा खाना खा लो तब जाओ केवल सब्जी बनानी है और मुझे भी किसी बात करने को मै जायेगा। वरना मै तो अकेली बोर हो जाती हूँ”। उस दिन भी वो कमाल की















