सच में तू मेरा गुलाम बनके रहेगा।में बोला हां चाची, आप जो भी चाहोगी में वो सब कुछ करूंगा। लेकिन प्लीज मुझे माफ कर दीजिए और किसी को कुछ मत बताइए प्लीज, प्लीज, प्लीज। तभी शिखा चाची बोलीं ठीक है, चल अब रोना बंद कर और जल्दी से चुप हो जा, में किसी को कुछ नहीं बता रही लेकिन तू ये मत समझना की मेंने तूझे माफ़ कर दिया। याद रखना, आज जो तूने किया है ना, इसकी तूझे सजा भी जरूर मिलेगी। चल अब भाग यहां से।दोस्तों जैसे ही मेंने सुना की चाची अब किसी को कुछ नही बताएंगी तब जाकर मेरी जान में जान आई और तभी में चाची के कमरे से बाहर निकलने लगा। तभी चाची की आवाज आई। रुक पहले इधर आ फिर जाना। में बोला- येस चाची तभी शिखा चाची मेरे बाल पकड़ कर बोलीं- साले जाता कहां हैं, मेरी धुली धुलाई को गन्दा करके। पहले इसे चाट कर साफ कर, उसके बाद अपने घर (अपने रुम) में जाना।इतना बोल कर चाची अपनी पैंटी को मेरे मूंह पर घिसते हुऐ मूझसे उस गन्दी पेंटी को चटवाने लगीं। दोस्तों अब मेंने चाची की पैंटी पर लगे अपने ही लन्ड के माल को चाट चाट कर पुरी तरह से साफ करना शुरू कर दिया। जब मेंने चाची की पैंटी को अच्छे से साफ कर दिया तब जाकर चाची ने















