ओह्ह अखिलेश जी।”अब अल्का जी क्या करती? हिंदी XXX अब तो चोदने दो।”अब मैंने अल्का जी के हाथो को दूर हटा दिया और उनकी टांगो को फैला दिया। अब मैंने मेरे कपड़े खोल कर लंड बाहर निकाल लिया। मेरा मोटा तगड़ा लंड देखते ही अल्का जी शरमाने लगी। अब तो वो मेरी तरफ देख भी नहीं रही थी। अल्का जी की चूत काली घनी झांटो से ढ़की हुई थी।उनकी चूत मे पानी की बूंदे चमक रही थी। अब मैंने अल्का जी की टांगे मेरे कंधो पर रख ली, और फिर उनकी चमचमाती चूत में लंड सेट करने लगा। अल्का जी आँखे बंद कर चुकी थी। अल्का जी की चूत में लंड सेट होते ही मैंने ज़ोर से चूत में लंड ठोक दिया। तभी मेरा लंड अल्का जी की टाइट चूत के अस्थि पंजर को तोड़ता हुआ पूरा अंदर घुस गया। चूत में लंड का आगमन होते ही अल्का जी बुरी तरह से चिल्ला पड़ी।“आईईईई मम्मी मर्रर्रर्र गईईईई, आईईईईई आईईईईई ओह अखिलेश जी बहुत दर्द हो रहा है। आईईईईई मर्रर्रर्रर्र गईईईई। प्लीज लंड बाहर निकालो।”“लंड तो अब मजे करके ही बाहर निकलेगा अल्का जी।”तभी मैंने लंड बाहर निकाला और फिर से अल्का जी की चूत में लंड ठोक दिया। मेरा लंड फिर से अल्का जी की चूत की जड़ तक पहुँच चुका था। अल्का जी फिर से ज़ोर से चीख पड़ी।“आईईईईई आईईईईई आईईईईई ओह मम्मी।”अब















