वो मेरे अंडे को पकड़ कर एक हाथ मेरे गांड पे ले जाकर आस्ते आस्ते मेरा गांड सहलाने लगा और एक उंगली मेरे गांड के छेद पे लगाई और अंदर घुसा दी.मैं : उउम्म्म्ममममममममममम मनोहर दर्द हो रहा है.वो उंगली को मेरे गांड के अंदर घुसा के मेरी गांड चोदने लगा, कभी मेरे गाल के कभी कान पे कभी मुँह पे चुम रहा था, उसका लंड एकदम बेचैन और सख्त हो गया था चुदाई के लिए, वो अपना लंड मेरे बदन पे रगड़ रहा था. हिंदी XXX दूसरे दिन दोपहर मैं जब मैं मनोहर के कमरे में गया तो वो लेटा हुआ था.मैने उससे कहा जानता है कल रात क्या हुआ?उसने पुछा क्या हुआ?मैंने उसे रात की सारी घटना बता दी, वो मेरी बात सुन के मुस्कुराने लगा और मुझसे बोला मुन्ना मैं जानता था की तेरी माँ बहुत चुड़क्कड़ किस्म की औरत है और चुदने के लिए साली किसी भी हद तक जा सकती है और ये कह कर उसने अपना लंड निकल लिया, उसका लंड मेरी मेरी माँ की चुदाई की बाते सुन के एकदम खड़ा हुआ था.मनोहर : देख मुन्ना कैसा खड़ा है मेरा लौड़ा तेरी रंडी माँ की चुदाई की बात सुनकर.मैं : हाँ मनोहर तेरा लौड़ा मस्त है एकदम.मनोहर : मुन्ना चूस ना मेरा लौड़ा.मैं : मनोहर तेरा लंड तो साँप की तरह उछाल रहा है..मनोहर : हाँ मुन्ना















