शर्माता शर्माता समीर मेरे बगल आ गया. हिंदी XXX मैंने उसके नए नए मोटे से लंड को हाथ में ले लिया और ताव देने लगी.कुछ देर में समीर का लंड खूटा सा मज्बुत हो गया. फिर उसने आखिर उस चूत पर अपना मोटा हट्टा कट्टा लंड रख दिया जहाँ से वो पैदा हुआ था. आखिर उसने मेरे लिया क्या कुछ नही किया था, क्या मैं उसको चूत भी नहीं दे सकती थी.समीर अब तुमको हाथ से मुठ मारने की कोई जरूरत नही है!! आह! १० दिन पहले बच्चा होने से मेरा भोसडा अब फट के बहुत बड़ा हो गया था. मेरे हाथ पैर बहुत ही गोरे और चिकने थे. अब समीर भी मुझको चोदने को तैयार हो गया. हल्की हल्की मेरी झांटे थी. तुम इस बारे में मत सोचो बेटा! दोस्तों जो घर मेरे लिए अब तक नर्क बना हुआ था, अब वो स्वर्ग बन गया. अच्छी तरह से देख लो तुम इसी चूत से निकले हो !! तुम्हारे बाप ने मुझको अपने बोस से कितनी बार चुदवाया है , क्या ये तुम जानते हो?? बेटा जरा धीरे! दिल्ली बम्बई में लोग सब कुछ करते है. अब मैं समीर को दिलो जान से चाहने लगी थी.बच्चा होने के ६वे दिन मैंने एक रात देखा की वो मुठ मार रहा था.















