पूरा बदन काँप रहा था. XXX Hindi ये तरीका भी मुझे बहुत पसंद आया.दोस्तों मैं इनती खूबसूरत थी की पापा की नजरे मुझ से जरा भी नही हट रही थी. किसी दिन मुझे भी चोदिये???’ मैंने कह दिया. फिर कुछ देर बाद पापा मेरी बुर में ही शहीद हो गये.उन्होंने जैसे ही लौड़ा मेरी बुर से बाहर निकाला मैं उनका लंड चूसने लगी. मैं चूसने लगी. फिर हम दोनों बाप बेटी किसी बॉयफ्रेंड और गर्ल फ्रेंड की तरह प्यार और मस्ती करने लगे. मेरे पापा की पढाई लिखाई विदेश में हुई थी. फिर कुछ देर बाद पापा मेरी बुर में ही शहीद हो गये.उन्होंने जैसे ही लौड़ा मेरी बुर से बाहर निकाला मैं उनका लंड चूसने लगी. पापा ने मेरे बड़े बड़े ३४ साइज़ के बूब्स पर हाथ रख दिए तो मेरे दूध किसी रबर के गुब्बारे की तरह अंदर को दब गये. मेरे मम्मे अब पापा के सीने पर आ गये थे. किसी दिन मुझे भी चोदिये???’ मैंने कह दिया. मुझे बहुत मजा आया. आ मेरा लौड़ा चूस आकर!’ पापा बोले. फिर उन्होंने मुझे चोदना शुरू कर दिया. मेरे जिस्म की खुबसू लेते लेते पापा मुझे खा रहे थे.बड़े देर तक हम बाप बेटी की कामलीला चलती रही. पापा के लौड़ा आराम से मेरे भोसड़े में घुस गया था और फिसल रहा था.















