क्या बाजी अम्मी और पिताजी को बता देंगी? हिंदी XXX क्या तुम झड़ गईं।बाजी ने बहुत धीमी आवाज़ में कहा- हाँ, मैं झड़ गई हूँ।मैंने फिर बाजी से पूछा- बाजी मेरी वजह से तुम झड़ गईं हो?“हाँ ग़ालिब, तुम्हारी वजह से ही मैं झड़ गई हूँ। तुम इतना उतावले थे कि मैं अपने आप को संभाल ही नहीं पाई।” बाजी ने मुस्कुरा कर मुझसे कहा।मैंने भी मुस्कुरा कर बाजी से पूछा- क्या तुम्हें अच्छा लगा?बाजी मुझे पकड़ कर चूमते हुए बोली- मुझे तुम्हारी चूची चुसाई बहुत अच्छी लगी, और उसके बाद मुझे झड़ना और भी अच्छा लगा।बाजी ने आज पहली बार मुझे चूमा था।बाजी अपने कपड़ों को ठीक करके उठ खड़ी हो गई और मुझसे बोली- ग़ालिब, आज के लिए इतना सब काफ़ी है, और हम लोगों को घर भी लौटना है।मैंने बाजी को एक बार फिर से पकड़ चुम्मा लिया और सड़क की तरफ़ चलने लगे। मैंने सारे बैग फिर से उठा लिए और बाजी के पीछे-पीछे चलने लगा।थोड़ी दूर चलने के बाद वे मुझसे बोली- मुझे चलने में बहुत परेशानी हो रही है।मैंने फ़ौरन पूछा- क्यों?बाजी मेरी आँखों में देखती हुई बोली- नीचे बहुत गीला हो गया है। मेरी पैन्टी बुरी तरह से भीग गई है। मुझे चलने में बहुत अटपटा लग रहा है।मैंने मुस्कुराते हुए बोला- बाजी मेरी वजह से तुम्हें परेशानी हो गई है न?बाजी ने मेरी एक बाँह पकड़















