उनका लंड पहले की तरह ही खड़ा था और वो उसको हाथ से पकड़ कर हिला रहे थे.अंकिता ने बोला की मै पकड़ के हिलाउ? सुबह पापा मम्मी ऑफिस चले गए, और दीदी ओ भी अपने फ्रेंड्स से मिलने जाना था क्योकि पता नहीं फिर कब मिलते वो लोग. हिंदी XXX मैंने बोला मजा ज्यादा आ रहा है. फिर उन्होंने मुझे किस किया, मेरी चूची गांड और चूत को सहलाया और बोला की बहुत मज़ा दिया तुमने.उसके बाद अंकिता जो बेड पे नंगी पड़ी थी, उसको भी किस करके उसके चुचियो को सहलाया, उसके टैंगो को फैला कर बोला, इस चूत को एक बार और पेलूँगा बाद में कभी. नहीं तो जवानी में पता नहीं हमलोग किसके आगे टांगे फैलानी पड़ती.अंकिता अपनी पैंटी पेपर में डाल के बैग में रखी और बिना पैंटी के ही पायजामा पहन के घर गयी. जीजू ने पूछा क्या नहीं करने को बोल रहे हो? मेरे जीजा पे कोई असर ही नहीं था. मै और गरम हो रही थी.जीजू ने अपना हाथ मेरे ब्रा के हुक पर रखा और खोल दिया. और ब्रा लूज होने के कारन मेरी बूब्स फ्री हो गयी, वो शर्ट के अंदर हाथ डाल कर उसे सहलाने लगे और दूसरे हाथ से मेरी जांघो को सहला रहे थे.तब तक अंकिता का मैसेज आ गया उसने लिखा – अरे कुछ नहीं ऑक्सिडेंटली उन्हें अपनी ब्रा पैंटी















