चल ऊपर अपने जीजाजी से मिलवाऊँ..!”प्रिया बोली- मेरी बन्नो बड़ी खुश है, लगता है जीजाजी से भरपूर मज़ा मिला है..!”फिर मोना से बोली- तू भी हिस्सा बंटा रही थी क्या..!मोना शरमा गई, “वो कहाँ, वो तो जीजाजी…!”मैंने उसे रोका- अब चुप हो जा… हाँ..! XXX Hindi अब चलने दे, चलें..! समझे मेरे चुदक्कड़ सनम…! अच्छा चल जा.. मेरे चोदू-बलम… तुम्हारा लौड़ा बड़ा जानदार है… मारो राजा धक्का… और ज़ोर से… हाय राजा और ज़ोर से… और ज़ोर से…… हाय..! ठीक है ठीक… अनिशा प्रोग्राम बना कर आपको बता देगी… मोना तो जाएगी ही … नमस्ते भाभी।” कह कर मम्मी ने फोन रख दिया।मम्मी मुझसे बोलीं- प्रिया की मम्मी तुम सब को कल अपने घर पर बुला रही हैं। तुम सब को वहीं खाना खाना है, उन्हें कल रात अपने मायके जागरण में जाना है, भाई साहब कहीं बाहर गए हैं, प्रिया घर पर अकेली होगी, सो वे चाहती हैं कि तुम सब वहीं रात में रुक जाओ..। तुम्हारे जीजाजी रुकना चाहें तो ठीक, नहीं तो तुम उनको लिवा कर आ जाना, मोना रुक जाएगी।”मैं प्रिया की बुद्धि का लोहा मान गई और मम्मी से कहा- ठीक है मम्मी..! इस शैतान ने मेरी मुनिया को दीवाना बना दिया है… अब इसे उससे मिलवा दो…! मैं ये चली..!’फिर उसने जीजा जी की तौलिया को खींच लिया। जीजाजी ने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।वह अपने को















