मैं दिलासा दे रहा था अभी दर्द कम हो जायेगा, और फिर से कोशिश करता पर मेरा लंड उसके बूर के अंदर नहीं जा रहा था.में करीब पांच मिनट कोशिश की पर मेरा लंड अंदर नहीं गया और फिर वो दर्द से उठ गई और आँख में आँशु लिए अपने कपड़े पहन ली. हिंदी XXX मैंने उसको बेड पर लिटा दिया, और फिर केप्री खोल दी. मैं चुपचाप था, वो बोली नाराज हो क्या?मैंने कहा तुम काम ही यही करती है. वो जैसे ही आई. मैंने फिर पूछा डालू वो चुप रही. फिर करीब पांच मिनट बाद वो भी झटके देने लगी. वो दूसरे दिन आई. वो कहे जा रही थी दर्द हो रहा है. तो उसने कहा नहीं नहीं अभी मैं ठीक नहीं हु, मैंने कहा क्या तो बोली अरे आप समझ नहीं रहे हो. मैंने लंड निकाला तो देखा लंड में हल्का हल्का खून लगा हुआ था और फिर मैंने उसके बूर के पहाड़ कर देखा तो अंदर लाल लग रहा था.मुझे बिस्वास नहीं हो रहा था की इतना छोटा छेद में मेरा इतना मोटा लंड जायेगा. वो खूब मजे ले रही थी और मैं भी मजे ले रहा था पर बर्दाश्त के बाहर हो रहा था.















