मेरी तो जैसे सुध ही नहीं रहती है। प्रकाश अंकल का इंजन अभी माँ की चूत में शंटिंग कर रहा था।मेरी आँखें मुंदने लगी थीं.. हिंदी XXX हम दोनों बिस्तर पर गिर गए।मैं बुरी तरह घबरा गई.. इस बात को समझ सकती हो।’मैंने बिना कोई जवाब दिए अपना सिर शर्म से नीचे झुका लिया था।‘वैसे कितने साल की हो गई हो तुम?’‘पिछले महीने में 18 साल की..’ मैंने धीरे से शरमाते हुए जवाब दिया था।अंकल ने मुझे अपने सीने से लगा लिया- बड़ी हो गई है मेरी बच्ची.. उसके बाद फिर वो दूसरी बार के लिए तैयार हुए।कुछ देर बाद उन्होंने माँ को फिर से चूमना-चाटना शुरू कर दिया। माँ ने भी प्रकाश अंकल के लण्ड को मुँह में लेकर उनके लौड़े को चूसना शुरू किया। पहली ठोकर के सारे वीर्य साफ़ को किया। प्रकाश अंकल माँ को फिर से प्यार करने लगे। उनके दूध दबाने शुरू कर दिए। अब प्रकाश अंकल का लौड़ा फिर से हाहाकारी हो गया था। इस बार उन्होंने माँ को उल्टा किया.. जब मैं स्कूल में पढ़ती थी। मेरी माँ जूही एक प्राइवेट स्कूल में इंग्लिश की टीचर हैं और मेरे पापा दुबई की एक कंपनी में हैं। वह साल दो साल में इंडिया आया करते हैं और 25-30 दिनों के लिए ही आते हैं। जब वे घर आते थे..















