से मेरी आनंदमयी आवाजें कमरे में गूंजने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.20-25 धक्कों के बाद इन्होंने लंड बाहर निकाल लिया और मुझे तिरछा कर दिया अब पीछे से मेरी चूत में लंड घुसा दिया और मेरी चूचियों का दबा दबा कर रस निकालने लगे। इनका मोटा लंड चूत फाड़कर अंदर तक घुसा हुआ था। मेरे दूधिया थनों की निप्पलें उमेठते हुए ये बोले- शुरू में दर्द होता है! उह.. हिंदी XXX मेरा चिल्लाना जारी था। लंड पूरा अंदर तक घुस गया था। थोड़ी देर में लंड मेरी चूत चोदने लगा, बड़ा दर्द हो रहा था लेकिन अब मज़ा आ रहा था! क्या मज़ा था! चुदने के बाद मुझे बड़ी शांति मिली। अगले दो दिन मैंने इनका मस्त होकर लंड चूसा और और अपनी चूत कई आसनों से चुदवाई।तीसरे दिन इन्होंने मुझसे कहा- रसीली, एक बार गांड की खिड़की में और घुसाने दो ना!मैं बोली- पहले मेरी सोने की चूड़ियाँ लाकर दो, फिर ख़ुशी ख़ुशी गांड में डलवाऊँगी।अगले दिन ही ये सोने की चूड़ियाँ ले आए, अब रात को मुझे गांड मरवानी थी, बड़ा डर लग रहा था। मैंने शोभा को बताया तो हँसते हुए बोली- दुखेगी, लेकिन तुझे मज़ा भी आएगा! क्या मोटा लंड था!’ देखकर मैं हैरान थी। अमरीश और मेरे पुराने चोदू दोस्तों के 5-6 इंच लंड के आगे यह 8 इंची गधे जितना मोटा















