फिर उसके कुछ समय के बाद मेरे माता पिता का देहांत हो गया और अब मेरे घर में बस मेरा एक भाई और भाभी थे.कुछ समय बाद भैया को पिताजी की नौकरी मिल गई और वो अपनी जगह पर सेट हो गया और अब मुझे अकेले दूसरे शहर में रहना पड़ा. दोस्तों में यह बात तो आप सभी को बताना ही भूल गई कि में शुरू से ही फ्री होकर सोती थी.घर पर बिल्कुल ढीली मेक्सी और जब अकेले रहने लगी तो एक छोटी सी कुरती और अंडर गारमेंट्स बस ब्रा के अलावा कुछ भी नहीं. हिंदी XXX जिसको देखकर में सोचती थी कि मेरा पति भी मुझसे इस तरह से हमेशा लड़ता झगड़ता रहेगा? मेरे मुँह से आह्ह्ह्हह माँ उह्ह्ह्हह्ह की आवाज़ निकल पड़ी और उसने अच्छा मौका देखकर मेरे पेट पर किस कर दिया, जिसकी वजह से में तो एकदम तड़प कर रह गई.मैंने कहा कि आईईईईईईई माँ उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में मर गई, ये तूने क्या किया? फिर वो जल्दी से तेल ले आई और उसने मेरे हाथ की मालिश शुरू कर दी.और फिर पैरों की और फिर वो पैरों से ऊपर मेरी जांघो की मालिश करने लगी. वो मेरे लिए खाना पकाने और साफ सफाई का काम और कपड़े भी धोने का काम भी वहीं करने लगी थी.















