वो दर्द से चल नहीं पा रही थी जब पहली चुदाई के बाद बाथरूम जा रही थी वो टांगो को फैलाकर जा रही थी, दोस्तों उस दिन मैं रात भर तृप्ति को चोद चोद कर परेशां कर दिया, वो भी खूब चुदी, अब हम दोनों रोज रोज चुदाई करते है क्यों की घर तीन बजे ही आ जाते है शाम को छह बजे तक हम दोनों एक दूसरे के जिस्म से खेलते रहते है.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- थोड़े देर बाद तृप्ति आई अपने बाल में तौलिये लपेटे हुए और बाल को रगड़ते हुए, बोली क्यों आप अंदर आ गए थे.तो मैंने कहा मुझे लगा की तुम अंदर नहीं हो. हिंदी XXX “Desi Sister Fucker Boy”मैंने ऊके चूतड़ को चाटने लगा. और हुआ भी यही.जब मैंने सूना की मैं अपने चाचा जी के यहाँ रह कर मुम्बई में पढ़ूगा तो मेरा ख़ुशी का ठिकाना ना रहा. क्यों की आज हम दोनों एक दूसरे को नंगे देखे थे. मैंने अपने लंड और दिल और दिमाग पर काबू रखा.दिन बीतते गया, तृप्ति की कजरारी आँख और होठ गुलाबी, जाँघे गोल गोल, चूचियां क्रिकेट की बॉल की तरह बड़ी बड़ी, गाल ऐसा की चूमने के बाद ही खून निकल जाये इतिनी गोरी. मैंने अपने लंड को चूत के ऊपर रखा और उसका पैर फैला दिया, फिर जोर से धक्का मारा लंड छिटक गया.















