अब वो काफी लम्बी हो गयी थी. नंगी गोरी चुदासी दामिनी का हुस्न तो देखते ही बन रहा था दोस्तों. XXX Hindi दामिनी बोली. जिस तरह से किसी अंधे काने को देख के मूड खराब हो जाता है, उसी तरह दामिनी जैसी मस्त माल को देख के तबियत हरी हो जाती थी. हाँ लेकिन कोई भी लड़का हो या लड़की जीवन भर अपनी पहली चुदाई जरुर याद रखता है, ये तो है !! चोद दो !! अब मैंने अपनी जींस उतर दी. अब दामिनी पूरी तरह सोफे पर लेती थी. जैसे आप कहाँ थे?? फिर उसकी जीप खोल दी. अब तो मैं दामिनी को ३ ३ घंटे उसके कमरे में पढाता रहता.मेरा जिगरी दोस्त पंकज और उसकी मम्मी भी बहुत खुश थी की मैं दामिनी को कितनी महनत से पढाता हूँ. जैसे भेडिये अपने शिकार को सूंघ लेता है, वैसे मैंने उसकी बुर को सूँघ लिया था. उसके बालों में उसका चेहरा छिप सा गया था. दोस्तों, उस मस्त गरमाई भट्टी सी जलती चूत की खुसबू मेरी नाक में चली गयी. मैंने उसके अमरुद जैसे गोरे गालों पर कसके काट लिया, जिससे वहां मेरे दांतों का निशाँन बन गया. कुछ मिनटों का खेल ही होता है ये.










