गर्म देसी लड़की की बेहयाई से अश्लील नुमाइश

मजदूर था, वहीं बन रहे मकानों का चौंकीदार होगा !मैं उसकी और बढ़ी, वो वहीं खड़ा अपना हथियार हिला कर मुठ मार रहा था। मुझे देख वो चौंक गया और जल्दी से अपनी लुंगी सीधी कर ली। लेकिन मेरे चेहरे पर मुस्कराहट देख थोड़ा समझ गया। लेकिन डर रहा था, वो चलने लगा। मैंने उसके पास जाकर पीछे से उसकी लुंगी खींच दी। वो हड़बड़ा कर मुड़ा ! और चाट ! हिंदी XXX मैं हैरान थी। उसने पल में उसकी लुंगी एक तरफ़ कर उसका लौड़ा मुँह में ले लिया। बंदा आंखें बंद कर चुसवा रहा था।मैंने एक छोटा पत्थर उठा कर वहीं पड़े सूखे पत्तों पर फेंका। दोनों एक दम सीधे हो गए। मैंने एक पत्थर और फेंका तो वो लड़का भाग़ गया। लेकिन बंदा वहीं था उसको क्या फर्क पड़ता ! हम मजदूरी करने वाले इंसान हैं एक एक पैसा कीमती है !अच्छा ! हाय मोरी मईया ! यह ले कार्ड, कल आ जाना !कह मैंने मुँह में लिया और चूसने लगी।अह अह … वाह ! यह ले कार्ड, कल आ जाना !कह मैंने मुँह में लिया और चूसने लगी।अह अह … वाह ! खा जा !बोला- मैडम, यहीं बग़ल में ही एक सरदार की कोठी बन रही है, वहीं दिन में काम करता हूँ, रात को चौकीदारी !

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