अब मैं मौसी के घर में कहीं भी होता, प्रतिज्ञा और मैं आँखों से ही बात करते.सभी परिवार वाले वहां होते, मौसाजी, मौसी, प्रतिज्ञा के भाई बहन सब वहां होते पर हम दोनों प्यार के पंछी आँखों में बात कर ही लेती. XXX Hindi कभी सोचा नही था की बाथरूम में उसको भीगते हुए पेलूँगा. प्रतिज्ञा! उस सीन के दौरान मैं प्रतिज्ञा के हाथ पर हाथ रख दिया.उसको सायद बुरा लग गया. मैं उठ बैठा और सीधा प्रतिज्ञा के शरीर से चिपक गया. आज मुझे ही यहाँ सारे प्रयोग करने थे. अगले दिन मैंने प्रतिज्ञा की कॉपी से एक पन्ना फाड़ा.प्रतिज्ञा! मैंने वही लगा दिया. अब मैं मौसी के घर में कहीं भी होता, प्रतिज्ञा और मैं आँखों से ही बात करते.सभी परिवार वाले वहां होते, मौसाजी, मौसी, प्रतिज्ञा के भाई बहन सब वहां होते पर हम दोनों प्यार के पंछी आँखों में बात कर ही लेती. मैंने मजे से उसकी चूत पीने लगा. इसलिए हमारा रिश्ता कोई जायज रिश्ता नही था. देखो तो देखने ही रह जाओ. मैं उठ बैठा और सीधा प्रतिज्ञा के शरीर से चिपक गया. मेरे तो होश उड़ गये. खूब चोदा मैंने उसको उसदिन बाथरूम में. शुरुवात तो देखने से हुई. वो मेरी रीना मौसी की लड़की थी, रिश्तें में मेरी बहन लगती थी, प्रतिज्ञा मुझे भैया भैया कहके बुलाने लगी.















