माया ने पूरे लंड को अपने मुंह में लिया और उसे कस कर चूसने लगी.अश्विनी ने उसके सिर पर हाथ रख कर अपनी आँखे बंद कर ली. हिंदी XXX एक ही धक्के में चूत ने पूरे लंड को अपने अन्दर निगल लिया. वह सफल भी हुई पर एक मिनट बाद अश्विनी का लिंग फिर से बेलगाम घोड़े की तरह सरपट दौड़ने लगा. उसमे निरंतर स्पंदन हो रहा था. उनकी हालत सुहागरात को दुल्हन की प्रतीक्षा करते दूल्हे जैसी थी. माया उनके लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे वो उसके रस को चूस कर ही निकालना चाहती हो. रोज की तरह सुबह आठ बजे माया भी आ गई.जब वो अन्दर जाने लगी तो अश्विनी ने पीछे से उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया. पहले मुझे अपना काम तो कर लेने दो.”“काम की क्या जल्दी है? माया … थोड़ा धीरे … आsssह्ह …!”माया पांच मिनट तक उनका लंड चूसती रही. पर अश्विनी को इस गर्मी का कोई एहसास नहीं था. माया भी पीछे नहीं रही. माया अंदर काम कर रही थी. अश्विनी को ऐसा लग रहा था मानो वो स्वप्नलोक की सैर कर रहे हों. पिछले कुछ मिनटों में जो उनके साथ हुआ था वो उनके दिमाग में एक फिल्म की तरह चलने लगा.उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उन्होंने अपनी पत्नी के अलावा किसी और स्त्री के साथ सम्भोग किया था!















