गुजराती मस्त माल जैस्मिन माथुर का गरबा नृत्य

बहुत अच्छा लग रहा है.. हिंदी XXX पल्लवी आ गई तो मेरी प्यास अधूरी रह जाएगी।मैं तो भूल ही गया था कि हम पल्लवी के घर पर हैं। मैंने उसकी बात मानते हुए उसके पैरों के बीच आ गया और उसके ऊपर चढ़ गया। मैं उसके होंठों वापस चूमने लगा। इस वक्त मैं तो जैसे कोई सपना देख रहा था। मैं उसे चूमते हुए अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। आकांक्षा तो जैसे किसी मछली जैसे तड़प रही थी और अपने चूतड़ उठा-उठा कर लंड को अपनी चुत के अन्दर लेना चाह रही थी।वो बोली- प्लीज़ तड़पाओ मत ना..मैंने भी उसकी बात मानते हुए उसे लंड को अपने चूत के मुख पर पकड़े रहने को कहा और लंड का जोर चूत पर देने लगा। आकांक्षा की चूत पानी छोड़ने के कारण काफी चिकनी हो गई थी, इसलिए लंड का सुपारा आसानी से चूत में समा गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.आगे जोर देने पर आकांक्षा तड़पने लगी, तो मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में दबा लिया और एक झटका लगा दिया। आकांक्षा की आंखें आसुओं से भर आई, वो छटपटाने लगी। मैंने उसे दबाए रखा और होंठों को चूसते हुए उसके मम्मे दबाने लगा।मैंने उसके होंठ छोड़े तो कहने लगी- बहुत जलन हो रही है, प्लीज़ निकाल दो अपना लंड, मुझे नहीं बर्दाश्त हो रहा है।

गुजराती मस्त माल जैस्मिन माथुर का गरबा नृत्य

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