आप आराम से पीठ के बल लेटिए। आँखें बंद करके मेरे मसाज को एहसास में महसूस करिए। आपको बिल्कुल दर्द नहीं होगा।मैं उसकी गांड के छेद में उंगली डालकर, छेद में तेल गिराकर उंगली डालकर मज़ा देने लगा। उसको भी मज़ा आ रहा था। अब उसकी हिचक मानो खत्म हो चुकी थी।फिर मैंने कहा- अब आप सीधा होकर लेट जाइए।लग रहा था कि वो तो बस इसी इंतज़ार में कब से थी। वो बिना विलंब किए सीधी लेट गई। उसने अपने मम्मों पर अपने एक हाथ रखकर ढक लिया।मैंने कहा- आप अपना हाथ वहाँ से हटाइए, शर्माइए मत!उसने कहा- नहीं-नहीं, मुझे शर्म आ रही है.मैंने उसकी हिम्मत बढ़ाते हुए प्यार से उसके बदन पर हाथ फेरते हुए कहा- पूजा जी, कोई शर्माने वाली बात नहीं। आपके घर में केवल हम दो प्राणी हैं, एक आप और एक मैं! पर आहिस्ता-आहिस्ता कीजिए, मुझे आनंद चाहिए।मैंने कहा- ठीक है. हिंदी XXX खून निकला है मेरी चूत से।मेरे लंड को वो आश्चर्य से देखते हुए बोली- मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आपके लंड डालने से इतना दर्द क्यों महसूस हुआ। अब समझ आया।प्यार से वो मेरे काले लंड को हाथों में लेकर चूमने लगी- आज आपने मुझे सही मायनों में लड़की से औरत बनाया। आई लव यू!वो बोली- यार, 6 महीने में इस चूत में एक बार लंड डलता है तो वो मेरी चूत प्यासी















