स्कूल आने तक वो एक शब्द भी नहीं बोली तो मुझे लगा नित्या मुझसे नाराज़ हो गई है. हिंदी XXX मैंने कहा तुझे जो भी चाहिए, हर साल की तरह इस साल भी ला दूंगा. ऐसे भी देर हो गई थी… स्कूल बस भी चली गई होगी करके मैंने फूफा जी से उनकी बाइक मांग ली.नित्या को लेकर मैं भी स्कूल की ओर चल दिया.. पूरा दिन स्कूल में दिल नहीं लगा… बार-बार नित्या के बूब्स दिखाई दे रहे थे… शाम को जब घर लौट रहे तो रास्ते में मैंने पूछा तुम मुझसे नाराज़ हो तो उसने कहा नहीं तो, तब मैंने कहा बोलती क्यों नहीं हो, तो वो कहने लगी शर्मिन्दा हूँ, मैंने कहा किस बात के लिए तो कहने लगी की सुबह वाली बात से… मेरी ही गलती थी मुझे दरवाज़ा अन्दर से बंद करना चाहिए था…मैंने कहा उसमे कौन सी बड़ी बात है मैंने ही तो देखा है किसी और ने नहीं, और मैं थोड़े ही किसी को बताऊंगा. पूछा यहाँ क्या कर रहे हो भइया… मैंने कहा स्कूल के लिए देर हो रही थी… आवाज़ दी लेकिन जवाब नहीं मिला तो तुझे ढूंढते हुए यहाँ आ गया…उसने कहा ठीक है आप यहाँ से जाओ मैं तैयार हो के २ मिनिट में आती हूं। मै बाहर तो आ गया लेकिन दिल अन्दर ही छोड़ आया.










