जब रात को सब सो गये तो में भी छत पे चला गया और ताइजी के रूम में आने का इंतज़ार कर रहा था, तभी कुछ देर बाद ताई रूम में आई, आज उन्होने मालिश से पहले एक खराब कपड़ा बिस्तर पे रखा और वहीं खड़े खड़े अपनी सारी उतार दी.गर्मियों का वक़्त भी था और शायद ताइजी अपनी सारी के खराब होने के डर से भी उसे निकाल ना ठीक समझा होगा, ताइजी काले रंग के ब्लाउस और पेटिकोट में थी, उनका रंग सॉफ था इसलिए खूबसूरती और भी निखर के सामने आ रही थी, जब भी वो झुकती तो उनकी चुचियाँ जो के बाहर आने को तड़प रही थी सॉफ नज़र आ रही थी.और उनकी गांड ने मुझे बेकाबू कर दिया था, में वहीं छत पे बैठे बैठे अपने लंड को मसल रहा था, और कैसे ताइजी को चोद सकूँ उस बारे में सोच रहा था, फिर जब ताइजी ने मालिश ख़तम की तो वो बाथरूम में चली गयी, और जब बाहर आई तो मे देखता ही रह गया, ताइजी सिर्फ़ पेटिकोट में बाहर आई उन्होने ब्लाउस निकाल दिया था.और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा जो कि काले रंग की थी और पेटिकोट में थी, मेने जितना सोचा था उससे ज़्यादा बड़ी चुचियाँ थी उनकी, तभी उन्होने गाउन पहन लिया और सो गयी, अब मेरा सिर्फ़ एक ही अरमान










