मेरे होंठों का वो चुम्बन लेने लगे. क्यूंकि दोस्तों मैं हर दिन अखबार में पढ़ती थी की उस लड़की को जला के मार दिया, उस लड़की को पंखे पर फासी दे दी. हिंदी XXX उन्होंने मुझको सीने से लगा लिया. मेरी बुर पर मेरी हल्की हल्की झांटे थी. मैंने भी कुछ नहीं कहा. मैं भी उनको चूसने चाटने लगी. आप ऐसे मुझे क्यूँ देख रहे है?? वरना मुझको उसने प्यार हो जाता और सायद मैं उनके साथ हमेशा के लिए बैठ जाती. मस्त बड़ी थी गुद्दीदार बुर थी मेरी. नन्दोई मुझको वहां खिंच ले गये.हम दोनों अब गद्दे पर लेट के रोमांस करने लगे. जबकी मेरे पति लेखपाल थे. आँख खोलो, आँख खोलो! अभी तक तो मेरे हसबैंड पंकज ही मेरे स्तन पीते आ रहे थे. तबसे दोस्तों मैं ९ १० बार चुपके ने अपने नन्दोई से चुदवा चुकी हूँ.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- एक फोटो उन्होंने भेजी जिसमे चुदाई के ६ आसनों के बारे में फोटो बने थे. आप तो जानते ही है की भाभियों का ननदोई से बड़ा प्यारा हसीं मजाक वाला रिश्ता होता है. जबकि इधर मुझको भी सेक्सी चुदाई की नोवेल्स पफ्हने में बड़ी रुचि थी.अब नंदोई जी जब कोई सेक्सी चुदाई नोवेल ऑनलाइन खरीदते तो मेरे लिए भी एक कॉपी खरीद लेते. मैं मुस्कुरा दी. नन्दोई मेरे ऊपर लेटकर मुझको चोदने लगे. वो मेरी ओर पलते हल्का मुस्काए.अरे















