जैनब ने अपनी नज़रों को बहुत हटाने की कोशिश की… पर पता नहीं क्यों बार-बार उसकी नज़रें संजय की चौड़ी छाती पर जाकर टिक जाती।जैनब: “जी वो मैं आपके लिये खाना लायी थी!”अभी संजय कुछ बोलने ही वाला था कि एक बार फिर से लाइट चली गयी और रूम में एक दम से घुप्प अंधेरा छा गया। एक जवान लड़के के साथ अपने आप को अंधेरे रूम में पा कर जैनब एक दम से घबरा गयी। उसने हड़बड़ाते हुए कहा, “मैं नीचे से एमर्जेंसी लाइट ला देती हूँ!”पर संजय ने उसे रोक दिया, “अरे नहीं आप वहीं खड़ी रहिये… आप मुझे बता दो एमर्जेंसी लाइट कहाँ रखी है… मैं ले कर आता हूँ!” जैनब ने उसे बता दिया कि एमर्जेंसी लाइट नीचे डॉयनिंग टेबल पे ही रखी है तो संजय अंधेरे में नीचे चला गया और फिर थोड़ी देर बाद संजय एमर्जेंसी लाइट ले कर आ गया और उसे टेबल पर रख दिया।जैसे ही एमर्जेंसी लाइट की रोशनी रूम में फैली तो जैनब की नज़र एक बार फिर उसके गठीले जिस्म पर जा ठहरी। पसीने से भीगा हुआ उसका कसरती जिस्म एमर्जेंसी लाइट की रोशनी में ऐसे चमक रहा था मानो जैसे सोना हो। जैनब को सबसे अच्छी बात ये लगी कि संजय के सीने या पेट पर एक भी बाल नहीं था।बिल्कुल चीकना सीना था उसका। जैनब को खुद आपने जिस्म















