एकदम बाहर जैसे कि उस पर बोतल रख दूँ. अब वो भी तेज साँसें ले रही थी, उनकी गर्म साँसों से मेरा लंड खड़ा हो गया और टावल के ऊपर से ही टेंट बन गया था.फिर आंटी भी मेरे लंड को देख रही थी और तेज साँसें ले रही थी. हिंदी XXX अब में समझ गया कि चंदा इतनी कामुक क्यों है?अब चंदा आंटी किचन में जाकर मेरे लिए चाय लेकर आई. एकदम जैसे कोई काम की प्यासी अप्सरा हो, उसके बूब्स उसके ब्लाउज से लटक रहे थे मानो अभी बाहर ब्लाउज फाड़कर आ जाए और उनकी गांड तो एकदम गद्देदार बिल्कुल ऐसी थी कि बस पकड़कर ढोल बजाओ.जैसा कि चंदा मेरे पास लहंगा देखने आई थी. फिर में आंटी को सोफे पर बैठाकर आंटी को स्मूच करने लगा, अब आंटी ने भी स्मूच करना शुरू कर दिया और भूखी शेरनी की तरह मुझ पर टूट पड़ी और मेरे ऊपर आकर बैठ गयी.फिर हमने 10 मिनट तक स्मूच किया, अब आंटी मेरा हाथ पकड़कर मुझे बेडरूम में ले गई और मुझे बेड पर धक्का देकर सुला दिया और अपनी टी-शर्ट उतार दी, क्या बूब्स थे आंटी के एकदम सॉफ्ट और सफ़ेद? अब में आपका समय ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधे अपनी स्टोरी पर आता हूँ, जैसा कि दोस्तों मेरा लहंगा साड़ी का बिजनस है तो मेरे पास सुंदर भाभी और आंटी आती रहती















