” उसने अपने कपड़े उतार दिये और ब्रा और पेन्टी में आ गई।विकाश ने भी कपड़े उतार लिये और मात्र छोटे से अंडरवियर में आ गया। रेशमा ने एक नजर विकाश के लण्ड पर डाली। उसे देख कर उसे वो बहुत बड़ा लगा। विकाश भी रेशमा के मस्त उभारों को देखने लगा था। उसका हाल तो रेशमा की जवानी देख कर ही खराब हो गया था।“ना… ना… कोई जरूरत नहीं है मुँह उधर करने की… !” रेशमा की नजर अब भी उसके मोटे फ़ूले हुये लण्ड पर थी। विकाश ने उसका मतलब भांप लिया और उसे एक झटके में फ़व्वारे के नीचे ले लिया। दोनों भीगने लगे थे, पर उनके दिलों में आग भड़कने लगी थी।विकाश ने रेशमा के गीले बदन को अपनी बाहों में ले लिया और उसे सहलाने लगा। इसी बीच रेशमा की ब्रा का एक भाग कंधे से उतर गया और उसका एक स्तन बाहर निकल पड़ा। जोश में विकाश ने उसके स्तन भींच दिये। जवाब में बस रेशमा के मुख से एक सिसकारी निकल पड़ी।विकाश का भारी लण्ड तन कर सीधा खड़ा हो गया। रेशमा ने भी तड़प कर उसे खींच कर अंडरवियर से उसे बाहर निकाल लिया। उसे तो वो एनाकोन्डा जैसा मोटा लगा,”विकाश, यह तो !










