देखा, फिर से ‘माधुरी’ का फ़ोन था !भैंया ने इशारा किया कि जाने दे, पर मैं बोली वो कुछ भी कर सकती है, एक औरत होने के नाते मैं समझ सकती हूँ ! मुझे तो भैया ने अपना ये रूप दिखाकर पागल कर दिया था, ये भी तो हो सकता है कि उनको ये लग रहा हो कि मैं कहीं न कहीं से ये देख रही हूँ,इससे उनका जोश और बढ़ गया हो !सच पूछो तो मुझे अपनी चुदाई से ज्यादा मज़ा भैया और माधुरी की चुदाई देख कर आया था ! XXX Hindi मेरे से भी अजीब सा सवाल पुछा था कि, मैं आपके साथ क्यों जा रही हूँ, उमेश मुझे लेने क्यों नहीं आया !मुझे उसकी बातें अच्छी नहीं लगी थी, लेकिन है वो बहुत सुन्दर; पर वो इतनी रात को आपको क्यों फ़ोन कर रही है !अगर उसे कोई प्रॉब्लम है तो अनिल को फ़ोन करना चाहिए, आखिर वो आपके छोटे भाई का जिगरी दोस्त है, आपका भी तो भाई ही हुआ !भैया बोले, हाँ, सो तो है ! माँ ये बात बर्दाश्त नहीं कर पायेगी ! अगर तुम झेल नहीं पाओगी, तो कल एक कदम भी पूरा नहीं चल पाओगी ; फिर किस किस को बताते रहोगी कि क्या हुआ है !वैसे भी किसी कुंवारी के लिए बहुत मुश्किल है, मेरे साथ सेक्स करना !















