पहले तो दीदी मूत करके बाहर आ गई और वो उन्हे बिस्तर पर लेटाकर खुद मूतने चली गई और उनके मूतने की आवाज़ इतनी तेज थी कि में क्या बताऊँ में समझ गया कि यह महीनों से नहीं चुदी है, क्योंकि उनका पति बहुत दारू पीता था और उन्हे मारता भी था.फिर अगली सुबह में उठा और फ्रेश होकर में किचन में चला गया. धीरे कर साले कुत्ते उफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है.करीब 10-15 मिनट तक ऊँगली और चूत, गांड की चटाई करने के बाद दोस्तों वो इस कदर झड़ी कि उसके पानी की बौछार बहुत थी. XXX Hindi फिर मैंने उन्हे उठाकर उनका पेटीकोट निकाल दिया और पेंटी को भी उतार दिया.अब वो बिल्कुल नंगी थी और में तो उन्हें घूर घूरकर देखता ही रह गया दोस्तों इतने बड़े बूब्स उस पर बड़ी गांड और बालों के जंगल से भरी हुई प्यासी वो चूत क्या गजब ढा रही थी? फिर मैंने कहा कि यह अब आपका ही है आप ही अपने हाथों से इसे बाहर कर दो, फिर उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए और अब में बिल्कुल नंगा था और वो सिर्फ़ पेटीकोट में थी.फिर वो मेरा लंड चूसने लगी में क्या बताऊँ दोस्तों वो क्या एहसास था?















