करके सिसक रही थी। मैंने अपने चूत की गुलाबी और मुलायम दाने को अपने उंगलियों से रगड़ने लगी.जिससे मेरे बदन में थिरकन पैदा हो जाती थी ऐसा लगता की मेरी बदन में करंट दौड़ रहा हो। बहुत देर तक अपनी चूत में उंगली करती रही और थोड़ी देर बाद मैंने अपनी चूत के पानी को निकल लिया। लब मेरी चुत का पानी निकलने लगा तो मैने अपने चूत के पानी को अपने हाथो से चाटने लगी।मेरी चूत का पानी कितना अच्छा लग रहा था। मेंरी चूत का पानी निकलने से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। कुछ देर बाद मैंने अपने कपडे पहन लिए और फिर मै सो गयी। धीरे धीरे समय बीत रहा था मेरे एग्जाम करीब आने लगे थे। एक दिन सर ने मुझे फिर से कोचिंग में रुकने को कहा, मै कोचिंग में रुकी हुई थी सारे बच्चो के जाने के बाद सर ने मुझसे कहा – एक्साज्म आ रहें है कुछ तैयारी कर रही हो?मैंने कहा – हाँ सर कर रही हूँ लेकिन कुछ भी ठीक से तैयार नही है।थोड़ी देर बाद सर ने मुझसे कहा एक जुगाड हो सकता है?मैंने पूछा – क्या सर?तो सर बोले मै तुम्हारे लिए पेपर का जुगाड कर सकता हूँ, सर की ये बात सुनके मै खुश भी गयी थी लेकिन सर ने मुझसे फिर से कहा – मुझे पैसे की अब कोई















