मस्त देसी कुड़ी की जबरदस्त चुदाई

और वो भी अब कमजोर पड़ने लगे और उन्होंने भी मेरे होठो को चूमना शुरू किया. मैंने अब तक पापा के लंड को आज़ाद कर दिया था और वो बाहर आ गया था. XXX Hindi बेचारे पापा मेरे मासूम डायलाग से चुप हो गए और कुछ नहीं बोल पाए. हमेशा गुस्से से बात करते हो, मैं तो ये कह रही थी कि कितने अच्छे लगते है आपके सीने पर ये बाल. हिमानी तुम ये क्या कर रही हो..मैंने भी ये क्या कर दिया..’ पापा ने अपने मूंह पर हाथ रखते हुए कहा. दो महीनो से मेरा पति मुझे इतनी बार चोद चुके थे पर कभी मैं झड़ी नहीं थी. मैं नीचे देख रही थी तो उन्होंने मेरे चेहरे को ऊपर किया..और मेरे होठ पर होठ रख कर मुझे किस करने लगे. मैं अपनी प्लानिंग में कामयाब होती दिख रही थी मैं और भी जोश में आ गयी और पापा को जंगली की तरह से चूमने लगी.अब पापा भी सबर खो रहे थे वो भी मुझे किस कर रहे थे और अब उनके हाथ मेरे बदन पर घूम रहे थे. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.फिर वो धीरे धीरे कर के बड़ी बेरहमी से चोदने लगे और जब तक मैं शांत नहीं हुई तब तक वो मुझे किस भी करते रहे.

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