जो जो जगह दिख रही हैं बस वहा कलर लगाऊंगा.”ये कहते हुए वो आगे से मेरे गले और फिर मेरे सीने पर कलर लगाने लगा. मेरा एक अकेला हाथ दोनों मम्मो को मुश्किल से ढक पा रहा था, उसने मेरे ब्लाउज में थोड़ी सी ऊँगलीया घुसा साबुन लगाना शुरू कर दिया, मैं उस पर हल्का गुस्सा करते हुए उसको मना करती रही.मैं एक मम्मा ढकती तो वो दूसरे के तरफ साबुन लगाने लगता. हिंदी XXX मेरी नयी साड़ी हैं.”विनय: “अरे कलर तो लगाना ही पड़ेगा, होली हैं. साबुन भी लगा ही देते तो पूरी नहा लेती.”मैं भूल ही गयी कि मेरा ब्लाउज सफ़ेद रंग का था और अंदर ब्रा भी नहीं पहना था. उसने मुझे उठाया और बाथरूम के अंदर ले आया. “होली में सेक्सी भाभी”विनय: “ऊप्स, सॉरी, हुक टूट गया, ज्यादा हिलो मत, चुपचाप कलर लगवा लो. पक्का रंग नहीं चलेगा.”विनय: “बस थोड़ा सा मुँह पर लगवा लो, जल्दी रंग उतर जाए तो कैसी होली.”मुझे अपनी साडी खतरे में दिखाई दी. तुमने तो ब्लाउज और पेटीकोट भी पहन रखा हैं. पहला हाथ कमर से हटते ही उसने अपने दूसरे हाथ से मेरी कमर को पकड़ लिया. सिर्फ तिलक लगाने को बोला था.”विनय: “अरे सूखा रंग हैं, कुछ नहीं होगा साड़ी को, धो लेना. तब तो शर्म नहीं आयी.” “होली में सेक्सी भाभी”मैं: “अभी हम स्वीमिंग नहीं कर रहे हैं.”विनय: “तुम्हारी सोच कितनी छोटी















