उस रात मैं एक बार फिर से खूब चुदी दोस्तों. ज्यूँही उसमे मेरी सावली सावली चूत पर ऊँगली रखी, मैं मचल गयी.अपनी उँगलियों से राहुल ने बड़ी सावधानी से मेरी चूत पर ऊँगली फिराई और चूत को छू कर देखा. हिंदी XXX मैंने भी खूब चुदवाया उससे. राहुल अच्छे से जानता था की सुरेश[ मेरे पति] घर पर नहीं है. वरना मैं कभी उस बड़ी तोंद वाले आदमी से शादी नहीं करती.राहुल बहुत ही हैंडसम आदमी था. पर आज तो मैं चुदाई के एक नए आयाम की तरह पहुच गयी थी.राहुल जोर जोर से अपने लौड़े से मेरी छातियाँ चोद रहा था. मुझे उसकी ठुकाई बहुत पसंद आ गयी. मेरी जान!! वो मुझे चोदने खाए लगे.पर मुझे बार बार राहुल की याद आ रही थी. वो पागलों की तरह बड़ी जोर जोर से मेरी रसीली छातियाँ दबाना लगा. मेरी गांड का छेद काफी बड़ा हो गया था घंटा भर डिलडो लगने से. हम दोनों गले मिल गए.‘स्मृति!! घप घप करके वो मुझे चोदने लगा. मैंने उसको पकड़ लिया. राहुल ने मेरी पीठ में हाथ डाल के मेरी ब्रा के हुक खोल दिए. वो अमीन के पद पर था. मैंने उनसे शादी सिर्फ इसलिए की थी क्यूंकि उसके पास सरकारी नौकरी थी.















