ओह मेरी बहु का जन्मदिन? आपको दोपहर में लंच टेबल पे क्या हो गया था?? हिंदी XXX वो भी सूरजभान अंकल के सामने?मै – देखो बहु, मैं माफ़ी चाहता हूँ लेकिन उस वक़्त मैं अपने आप को रोक नहीं पाया तुम बहुत खूबसूरत लग रही थी।हर्षिता – बाबूजी, अगर सूरजभान अंकल को पता चल जाता तो? कितना दरद दे रहा हैमैं- सॉरी जानू तुमको नंगी देखने के बाद सबर ही नही हो पाता ! आप को एक बेटी की कमी महसूस होती है न? तुम अपने घर में कभी भाई या पापा के बैडरूम में गई? तुझे शर्म नहीं आती मेरी बहु को अपना मुट्ठ खिलायेंगा।?सूरजभान – हाथ जोड के रिक्वेस्ट करते हुये। प्लीज पाण्डेय मुझे आज मत रोक कई हफ्तो से मैं ऐसे मौके की तलाश कर रहा हूँ तू तो जानता है इसलिये मैं तेरे घर भी आया। प्लीज करने दे मैं तेरा अहसान कभी नहीं भुलुंगा।मै – ठीक है लेकिन एक लिमिट में तेरी इन हरक़तों का मेरी बहु को पता नहीं चलना चहिये।तभी बिस्तर पे पड़े मोबाइल पे कॉल आने लगी। अरे बहु। देख तो अर्पित का कॉल तो नहीं आखिर उसे याद आ ही गया।हर्षिता – (एक टॉवल लपेटे बाथरूम से झाँकती हुई।) सूरजभान अंकल प्लीज देखिये न किसका फ़ोन है मुझे दे दिजिये न प्लीज।नहा कर बहु पूरी नंगी थी उसने कुछ नहीं पहना था सिवाय एक टॉवल















