ये दिवाली की चुदाई की कहानी है, और चोदने वाला और कोई नहीं बल्कि मेरा भाई है, वो भी छोटा भाई, पर मैं भी उसके बड़े लंड पर फ़िदा हो गई की मैं खुद अपनी सलवार का नाडा खोल दी और पेंटी उतारने में भी देर नहीं लगे थे, और चूचियां उसके हवाले कर दी, आज जब मैं ये कहानी लिख रही हु, तब भी मेरी चूत में पानी आ रहा है. मैं तुरंत ही अपने बटन लगाने लगी और वो फिर मेरे गले से लग गया, अब मैं समझ नहीं पा रही थी की कैसे रियेक्ट करूँ, आ पहली बार वो मेरे गले लगा था.मेरी बड़ी बड़ी चूचियां उसके छाती से चिपक गया था और वो मेरे पीठ को सहलाने लगा. XXX Hindi और फिर जोर जोर से स्टार्ट हो गया, वो फिर मेरी चूची को मसल रहा था और जोर जोर से धक्के दे रहा था. और बोलने लगा की दीदी, आपको बहूत मिस करता हु दिल्ली में, मैं अपनी प्यारी दीदी को बहूत याद करता हु, आई लव यू दीदी, मैंने भी फिर उसके पीठ को सहलाकर बोली आई लव यू टू माय डिअर ब्रो.पर उसके इरादे ठीक नहीं थे क्यों की उसका लौड़ा तन गया था, मैं अपने जांघो में महसूस कर रही थी, तभी माँ जोर से चिल्लाई अरे निचे आ जाओ दोनों, और फिर दोनों निचे चले गए,















