सच सपना,पर तुम जानती हो तुम कितनी सुंदर हो, ये तुम्हारी बंद पॅल्को में तुम्हारी आँखें,कहते हुए उन्होने मेरी आँखों पर अपने होठ रख दिए.उनके गरम होंठो का स्पर्श अपनी पॅल्को पे पाकर धधकान बहुत तेज़ हो गयी, फिर धीरे से उन्होने ने अपने होठ मेरे दाहकते गालों पर रख दिए..उफफफफ्फ़ मैं तो इतने में मदहोश हुई जा रही थी. उन्होने मुझसे पढ़ाई के बारे में पूछा,मैं तो शरमाती रह गयी कुच्छ कह नहीं पाई.वो बॅंक में मॅनेजर थे,सुन्दर थे अब क्या चाहिए था,फटा फॅट शादी तय हो गयी.मैने शादी में संगीता के साथ साथ सभी सहेलियों को बुलाया.मैं बहुत खुश थी की मुझे जैसा पति चाहिए था वैसा मिला. XXX Hindi दर्द होता हैं….कुच्छ देर यूँ ही लेट कर वो फिर घुसाने की कोशिस करने लगे. हट बदमास कहीं की गंदी,मैं तुम दोनो का सेक्स देखूँगी. तभी उन्होने ब्रा का भी हुक खोल दिया और धीरे से हाथ पेट को सहलाते हुए ब्रा के अंदर घुसा दिया…उफफफ्फ़ क्या एहसास था मेरे होंठो से एक सिसकारी निकल गयी..उन्होने ब्रा हटाकर नीचे फेक दिया ..अब मेरी दोनो अनचुई कुँवारी चुचियाँ जो की उनका हाथ लगते ही बिलकूल तन गयी थी ,निपल टाइट होकर खड़े हो गये थे…वो गोरी चुचियाँ देखकर अमित भी पागल हो उठे थे,…कोई भीपागल हो जाता इन गोरी तनी हुई कुँवारी चुचियों को देखकर….वो एक निपल हाथों के बीच लेकर मसल्ने लगे















