देखने से तो आप नामर्द लगते है!! अब मेरा चुदवाने का बहुत दिल करता है!!” मैंने पापा से कहा.दोस्तों, कुछ दिन तक मैंने डिलडो को अपनी चूत में डालती रही और ऐसे ही काम चलाती रही। फिर पापा मेरी शादी देखने लगे क्यूंकि उनको डर था की कहीं मैं चुदवाने के लिए किसी लड़के के साथ ना भाग जाऊं। १ हफ्ते बाद मुझे देखने एक लड़का आया। वो बहुत दुबला पतला लड़का था। उसका नाम विवेक था। मुझे उसको देखकर थोडा डाउट हो रहा था।“शिखा जी!! हिंदी XXX पापा जी !! देखने से तो आप नामर्द लगते है!! मुझे साफ साफ़ बता की क्या तेरी चूत अब लंड मांगती है क्या??? मेरा तो करम ही फूट गया इस हिजड़े आदमी से शादी करके।ये नामर्द तो सिर्फ १० मिनट में आउट हो गया। मैंने क्या क्या नही सपने देखे थे की सुहागरात पर पति से सारी चुदवाउंगी और मजे मारूंगी। पर अब तो ये बस सपना ही रहा गया” मैं इस तरह से फूट फूट कर रोने लगी। मेरे पति को मेरा दुःख देखकर बहुत बुरा लगा।“जान!! वो गांडू तो बहुत मस्त चुदैया है!! क्या अब तुमको किसी लम्बे लौड़े लंड की जरूरत महसूस होती है???’ पापा बोले.“हाँ!!















