मालिश करो न.. XXX Hindi अनाड़ी हूँ..तो उसने कहा- कोई बात नहीं.. वो भीड़ होने के कारण.. वो आप बता देना।इस पर मुस्कान ने कहा- ठीक है.. और मैंने उसकी पीठ पर बाम लगानी शुरू कर दी। जैसे-जैसे मैं उसकी नरम पीठ पर अपना हाथ फेर रहा था.. आज से पहले कभी इतनी खुबसूरत स्त्री को नहीं देखा है.. धीरे-धीरे मेरी हालत खराब होने लगी। मुझे फिर से बस वाला दौरा पड़ना चालू हो गया.. और मैंने उसकी पीठ पर बाम लगानी शुरू कर दी। जैसे-जैसे मैं उसकी नरम पीठ पर अपना हाथ फेर रहा था.. मालिश करो न.. जब दर्द हो तो कह देना.. तभी मुस्कान ने मेरा हाथ पकड़ कर बिस्तर पर खींच लिया और मेरी छाती पर बैठ गई। कहने लगी- मुझे मालूम है.. जरा सी बाम लगा दो।मैंने कहा- ठीक है आप लेट जाओ।वो औंधी हो कर लेट गई.. जो मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ था।अब मेरा लौड़ा पूरा खड़ा हो चुका था। शायद जिसका अहसास मुस्कान को भी हो रहा था.. पहली बार ऐसे ही होता है।थोड़ी देर बाद मुस्कान मेरे ऊपर आकर बैठ गई और मुझे चुम्बन करने लगी। कम से कम 8 -9 मिनट बाद मैंने मुस्कान से कहा- मुस्कान.. घर पर ही तो हो..















