मेरा नाम शैलेश है, मैंने २४ साल का हु, मेरी शादी चार महीने पहले ही हुई है.पर इस कहानी को इस वेबसाइट पे लिखने में इतना देर हो गया इसका कारण है, पहले मैं सोच रहा था की मैं ये बात किसी को भी नहीं बताउगा. XXX Hindi मैंने किसी लकड़ी को पहले चुदाई नहीं की थी. शरीर में गर्मी चढ़ने लगी. मैं सुलह की बदन के हरेक अंगो से खेल रहा था. तेरा तो चूत का दरवाजा खुला है. उसके पुरे शरीर में सिहरन हो रही थी. शादी का दिन आ गया, शादी हो गई. तू तो चुदी हुई है. जल्दी कर, यही सब सुन सुन कर बोर हो चूका था, पर आज तो नशा ही अलग था. क्या बताऊँ दोस्तों अब मेरे बर्दास्त के बाहर हो रहा था और मैंने उसको उलट दिया.और उसके दोनों हाथ पकड़ लिए, और अपने पैरो को बिच में करके उसके पैर को फैला दिया, और होठ को किश करने लगा वो धीरे धीरे खुद ही पैरो को अलग कर दी और अपनी चूत मेरे लंड के आसपास रगड़ने लगी. और बाद में सोचता था की काश कोई टाइट चूत मिलती तो कितना मजा आता, मैंने पैसे खर्च कर के किसी वर्जिन को चोदने की इच्छा भी जताई तो कामयाबी नहीं मिली.सुहागरात में अंदर गया, पूजा, माल तो थी जबरदस्त, चूचियां टाइट टाइट, बड़ी बड़ी गोल गोल















