ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.आंटी कहने लगी राहुल रहा नही जाता डाल दो, मत तड़पाओ, में कहने लगा, किरन चूम लेने दो दूध से बदन को, फिर मौका मिले या नही, वो कहने लगी में तुम्हारी हु बार बार मौका मिलेगा, डालो जल्दी लेट हो जाएंगे, इतना कहते ही, मेने टांगें चौड़ी करके चूत पर मुंह रख दिया, जिस पर एक भी बाल नही था.सायद आंटी ने आज ही बाल साफ किए, लाल प्यारी सी टाइट चूत थी आंटी की, अधिक समय सेक्स नही करने से कसी हुई लग रही थीं, आंटी ने मेरे बाल पकड़ लिए, जोर जोर से दबाने लगी चूत पर मेरा मुंह, चूत के अन्दर जीभ डालकर दाने को चूसे जा रहा था.एक अलग स्वाद था, चूमने का, नमकीन सा, वो जोर जोर से आहे भर रही, राहुल तेज और तेज, आंटी की हाइट 5.5 थीं, उसमे जो मस्त लगती थी आंटी कहने लगी डाल दो, रहा नही जा रहा, मेने लन्ड चूत पे रखा और डाल दिया, अपने लिप्स आंटी के लिप्स से लगा लिए, तेजी से झटके देने लगा फिर आराम से फिर तेज, आंटी कस के पकड़ने लगी आ..















