आज बड़ा गर्मी रही है?? ओ हो हो….” करने लगी। मैंने सोचा की आज अगर इस रंडी को मजा दे दिया तो बार बार चुदवाएगी। ये सोचकर मैं काट काटकर उसके स्तन पीने लगा। वो बेचेन होने लगी। मुझे कसके पकड़ लिया और सीने से लगाकर ऐसे चूमने लगी जैसी सदियों से मुससे फसी हुई है।मुझे बड़े शिद्दत से प्यार कर रही थी। साली अच्छे से गर्म हो रही थी। मैं लगातार कभी उसकी बायीं दूध मुंह में लेकर चूसता, तो कभी दाई वाली। साथ में अच्छे से दबा रस था। रस निकाल निकाल कर मजा लूट रहा था। वो पिलाती रही। और पागल होती जा रही थी।मैं उसके दोनों स्तनों को इतना चूस डाला की हलुआ बना दिए। मेरे पैने दांत उसके फूले दूध में गड़ गये जैसे शेर के दांत शिकारी पर गड़ जाते है। मैने अच्छे से चूस डाला। फिर तृप्ति की कमर पर आकर बैठ गया। अपने 8 इंच के विशाल लंड को हाथ में लेकर फेटने लगा।“भैया!! XXX Hindi अच्छे से पियो” तृप्ति कहने लगी.“चूसता हूँ रांड!!” मैं बोला.और काफी देर तक दोनों हाथ से दूध को मसल डाला। दोनों दूध को दबा दबाकर कचूमर बना दिया। वो अपनी कमर बड़ी उपर तक उचकाने लगी। अब वो चुदने को तैयार हो रही थी। अब मुझे दूसरा स्टेप लेना था। मैं अपने चाचा की लड़की के उपर ही लेट गया















