मजा आ रहा है!! XXX Hindi हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी। मेरे मम्मे संध्या चाची से दोगुने जूसी थे। उनसे अधिक सफ़ेद थे। बाबूजी का तो देखकर ही पारा हाई हो गया था। मेरी निपल्स को काट काटकर मजे लुटने लगे। मैं मदमस्त होने लगी थी। मेरी चूत अब गीली होने लगी थी।“ओहह्ह्ह बाबूजी!! तुझे आदमी औरत की चुदाई के बारे में कुछ मालुम है??” बाबूजी एक रात आकर पूछने लगे.“थोड़ा थोड़ा” मैंने कहा.“कहाँ देखा तूने ये सब??” वो पूछने लगे.“आप संध्या चाची की चूत हर रात मारते हो। तभी मैंने देखा था” मैंने जवाब दिया.“मुझसे चुदेगी तू?? मेरा नाम डिंपल है। मैं बिलकुल कच्ची कली थी। एक बार भी चुदी नही थी पर मेरे साथ एक घटना हो गयी। मेरे सगे बाबूजी ने मुझे चोद लिया। ये स्टोरी 2 साल पहले शुरू होती है। मेरे बाबू जी मेरी चाची को रखेल बनाये हुए थे। रोज रात में उनकी चूत को अपने 10” मोटे लंड से चोदते थे। Ghar Ke Najayaj Sambandhमेरी माँ की इधर मौत हो गयी थी एक लाइलाज बिमारी से और उधर मेरे चाचा जी को ब्रेन ट्यूमर हो गया था। अब मेरे बाबू जी रडुआ हो गये थे और मेरी सेक्सी चाची जी भरी जवानी में विधवा। धीरे धीरे चाची को बाबू जी से प्यार हो गया था। फिर दोनों चुदाई करने लगे थे।तब मैं सिर्फ 18 साल की थी।















