माँ…. की सिसकारी ले रही थी। मुझको लग रहा था की ससुर का लौड़ा अपना माल मेरी चूत में छोड़ने वाला है।फिर कुछ देर बाद ससुर ने मुझे चोदते चोदते सीने से लगा लिया। मुझे अपनी बाहों में भर लिया जैसे कोई आदमी अपनी औरत को भर लेता है। फिर पापा ताबड़तोड़ धक्के मारने लगे। “बहन की लौड़ी …ले आज!! हिंदी XXX उई…. माँ…. माँ…. ऊँ… ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. मेरे सामने तो किसी सती सावित्री की तरह साड़ी पहनकर रहती है… और मेरे जाने के बाद पराये मर्दों से चुदवाती है। तो आज मैं तेरे लंड की भूख को मिटा देता हूँ!!” ससुर बोले.और उन्होंने मेरे दोनों गालो को चाटें मार मारकर लाल कर लिया और मेरे बाल पकड़कर मुझे किसी कैदी की तरह खीचते हुए उसी बेडरूम में ले आये जहाँ पर अपने आशिक सोनू के साथ रास रचा रही थी। ससुर ने मुझे बिस्तर पर पटक दिया और मेरी पेंटी निकाल दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अपने सारे कपड़े निकालकर फुल नंगे हो गये। उन्होंने अपने लौड़े पर ढेर सारा तेल लगा लिया और मेरे पैर खोलकर मेरी चूत में डाल दिया और जल्दी जल्दी हौंक हौंक कर चोदने लगे। मेरे ससुर मुझे जल्दी जल्दी पेलने लगा। मुझे कूट कूटकर वो चोदने लगे।जैसा मेरी चूत पर कपड़े धो रहे हो। ससुर के झटके















